
Jonathan Livingston Seagull by Richard Bach
यह कालजयी क्लासिक कृति का नवीन व संपूर्ण संस्करण है जिसमें हाल ही में भाग चार और रिचर्ड बाख़ द्वारा लिखे गए 'अंतिम शब्द' को जोड़ा गया है I यह पुस्तक उन आत्माओं के लिए एक गीत है जो लम्बे समय से अपने आप में खामोश रही हैं I जॉनाथन लिविंगस्टन सीगल की कहानी ऐसे लोगों के लिए है जो जानते हैं की दूसरों के दिखाए मार्ग पर मजबूरी में चलने की बजाय बेहतर ढंग से जीवन जीने का रास्ता भी हैI यह कहानी उन लोगों के लिए भी है जो उड़ने की चाह रखते हैं I यह छोटी-सी कहानी हमें उस रास्ते पर चलने की याद दिलाती है जो हमारे भीतर ही है I अन्य लोग चाहे हमें देखें, चाहे हमारे रास्ते को सराहें या इसकी निंदा करें, लेकिन हमारे पास प्रेम करने और अपनी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी का तरीक़ा चुनने की स्वतंत्रता है I| SKU | Unavailable |
| ISBN 13 | 9788183226110 |
| ISBN 10 | 8183226116 |
| Title | Jonathan Livingston Seagull |
| Author | Richard Bach |
| Condition | Unavailable |
| Binding Type | Paperback |
| Publisher | Manjul Publishing House Pvt Ltd |
| Year published | 2015-10-21 |
| Number of pages | 148 |
| Cover note | Book picture is for illustrative purposes only, actual binding, cover or edition may vary. |
| Note | Unavailable |